
तीसा (चंबा)। उपमंडल तीसा के डडिंयूण गांव के वाशिंदों ने एक विद्युत कंपनी पर ग्रामीणों से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। स्थानीय निवासी पवन कुमार, इश्वरी देवी, देवी दास, खेम राज, मानदेई ने बताया कि एक विद्युत कंपनी की ओर से बलसियुं नाले मेें पांच मैगावाट जल विद्युत प्रोजेक्ट निर्माण का कार्य किया गया है। निर्माण के दौरान कंपनी ने चार बिघा नौ बिस्वा जमीन पर फोर वे टैंक, वाटर चैनल, पैन स्टाक और सड़क का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि जहां पर पैन स्टाक का निर्माण किया गया उस जमीन का ग्रामीणों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने जब जमीन खरीदी थी तो जमीन मालिकों को कंपनी में नौकरी व उचित मुआवजा देने का एग्रीमेंट किया था, लेकिन कंपनी ने जो चेक दिए वे बाउंस हो गए। इसके अलावा ग्रामीणों को नौकरी से निकाल दिया। उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर चार मार्च, 2013 को स्थानीय एसडीएम से मिले व निशानदेही कराई गई। इस दौरान कंपनी की ओर से किया गया निर्माण अवैध पाया गया था। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त, 2013 को वे उपायुक्त चंबा से भी मिले थे। इसके बावजूद अभी तक समस्या का सामधान नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की है कि कंपनी से निकाले गए ग्रामीणों को दोबारा नौकरी दिलवाई जाए और उन्हें जमीन का उचित मुआवजा भी मिले। इस संबंध में कंपनी के डायरेक्टर आलोक मल्होत्रा ने बताया कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। जल्द वह मौके पर जाकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान करेंगे। उधर, उपायुक्त संदीप कदम ने बताया कि इस कंपनी की एक शिकायत उनके पास आई थी, इसे उन्होंने कार्रवाई के लिए एसडीएम तीसा को भेजा है।
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सांसद के समक्ष भी उठा था मामला
सांसद डा. राजन सुशांत की अध्यक्षता में कुछ अरसा पहले चंबा में हुई लाडा फंड की बैठक में भी यह मामला उठा था। ग्रामीणों को उचित मुआवजा न देने और चैक बाउंस होने पर कड़ा संज्ञान देते हुए सांसद ने उपायुक्त चंबा को मामले की जांच के आदेश भी दिए थे।
